रविवार, ३० ऑगस्ट, २०२०

29 ऑगस्ट


 *💥🌸दिनविशेष🌸💥*

     *पियरे लालमेंट*

सायकल की खोज*

*स्मृतिदिन - २९ आगस्ट ‍१८९१*

पिछले लगभग दो सौ सालों से साइकल मनुष्यों का एक महत्वपूर्ण यातायात का साधन बनी हुई हैं। इन पिछले दो सौ सालों में साइकल की डिज़ाइन और उपयोग में भी बहुत परिवर्तन आया है। लकड़ी की डिज़ाइन से शुरू हुई साइकिलें, अब अत्याधुनिक रूप ले चुकी हैं। आज बैटरी से चलने वाली साइकल बाज़ार में आ चुकी हैं।  साइकल के आविष्कार ने यातायात की परिभाषा को ही बदलकर रख दिया है। साइकल के आविष्कार से पहले लोग घोड़ागाड़ी या बैलगाड़ी पर यातायात करते थे। लेकिन इसके निर्माण ने लोगों के सामने एक ऐसे साधन को पेश किया जो हल्का और सस्ता होने के साथ-साथ  बहुत आरामदायक भी साबित हुआ है।  आइए साइकल के इतिहास पर एक नज़र डालते हैं और जानते हैं कि साइकिल का आविष्कार किसने किया था और किन लोगों ने इसके निर्माण में अहम भूमिका निभाई है?


साइकिल का आविष्कार किसने किया था–साइकल के आविष्कार का श्रेय किसी एक व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता है। इसके आविष्कार में कई व्यक्तियों ने अपना योगदान दिया है।


1817-Karl von Drais-सबसे पहले पहिये वाली मानव चालित साइकल का निर्माण जर्मनी के कार्ल वॉन ड्रेइस ने 1817 में किया था। “रनिंग मशीन” और “Draisienne” के नाम से मशहूर उनकी साइकल लकड़ी से बनाई गयी थी, जिसमें कोई पेडल नहीं थे। इस साइकल में दो पहिये और बैठने के लिए एक सीट थी। 23 किलोग्राम वजन वाली इस साइकल का पहली बार प्रदर्शन पेरिस में किया गया था। इस साइकिल का निर्माण फ़्रांस और जर्मनी में किया गया था। लंदन के डेनिस जॉनसन ने वॉन ड्रेइस के द्वारा डिज़ाइन की गयी साइकिल में कई परिवर्तन और सुधार कर के इसे लंदन में 1818 में लॉंच किया था। “hobby-horse” के नाम से जानी जाने वाली ये साइकल बहुत लोकप्रिय हुई थी। लेकिन पैदल चलने वालों के लिए खतरा होने की वजह से इन साइकिलों को लंदन में बैन कर दिया गया था।


1866– पियरे माइकक्स और पियरे लालमेंट-साइकिल के इतिहास में एक नया मोड तब आया जब दो फ्रांसीसी कैरिज निर्माताओं, पियरे माइकक्स और पियरे लालमेंट ने सबसे पहली बार साइकिल में पेडल जोड़ा। इसमें उन्होने एक गियर प्रणाली भी लगाई। इस साइकिल को “velocipede” और “bone shaker” के नाम से जाना जाता था। पेडल को साइकिल में जोड़ने से उसकी चाल में बहुत तेज़ी आई लेकिन अभी भी लकड़ी के पहियों की वजह से साइकिल का सफर आरामदायक नहीं था। इसी कारण इस साइकिल को बोलचाल की भाषा में “boneshaker” के नाम से जाना जाता था। Pierre Lallement को इस पेडल वाली साइकिल का 1866 में पैटेंट मिला था।

1885- जॉन केम्प स्टारली- John Kemp Starleyकी “safety bicycle”, साइकिल के इतिहास में मिल का पत्थर साबित हुई है। उनके द्वारा डिज़ाइन की हुई “रोवर” साइकिल मानकीकृत धातु फ्रेम, रियर व्हील चेन ड्राइव और Arial पहियों से लैस होने की वजह से झटकों को सह लेती थी और चालक को अधिक तकलीफ नहीं होती थी।  इस आधुनिक साइकिल की लोकप्रियता काफी बढ़ गयी थी। NMAH के अनुसार, 1889 में केवल 2 लाख साइकिलों का उपयोग होता था जो 1899 में बढ़कर 10 लाख तक पहुँच गया था। आज दुनिया भर में 1 Billion से ज्यादा साइकिलों का उपयोग होता है।

आजकल अत्याधुनिक साइकिलों में एक से लेकर 33 तक गियर्स हो सकते हैं।

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